मालिकों के लिए: कार्य-दायरे से शुरुआत करें।

कुछ मालिकों को संपत्ति तैयार कर किराये पर देने में मदद चाहिए; कुछ को लगातार प्रबंधन चाहिए। बताएँ कि घर खाली है या उसमें कोई रह रहा है, किन कामों में सहयोग चाहिए और अपडेट किस तरह चाहते हैं। काम शुरू होने से पहले सेवा का दायरा, शुल्क और ज़िम्मेदारियाँ तय होनी चाहिए।

व्यावहारिक किराया प्रक्रिया।

तय सेवा के अनुसार प्रक्रिया में प्रस्तुति, मार्केटिंग, घर दिखाने का समन्वय, आवेदकों की समीक्षा और रहने आने की व्यवस्था शामिल हो सकती है। शुरुआती पूछताछ में पहचान या वित्तीय दस्तावेज़ नहीं चाहिए। बाद में दस्तावेज़ लेने की ज़रूरत हो तो उपयुक्त सुरक्षित माध्यम इस्तेमाल हो।

निरंतर संवाद।

प्रबंधन के लिए रखरखाव अनुरोध, सेवा प्रदाताओं की मंज़ूरी, रिपोर्टिंग और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था पर चर्चा करें। हर काम की स्पष्ट ज़िम्मेदारी से मालिक और निवासी जान पाते हैं कि क्या अपेक्षा रखें।

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